सीतामढ़ी में सच्चाई दिखाने पर पत्रकार को मिली सजा!अधिकारी ने व्यवस्था सुधारने के बजाय पत्रकार पर किया केस

मुजफ्फर आलम, सीतामढ़ी:सीतामढ़ी के एक क्वॉरेंटाइन सेंटर की हकीकत दिखाने पर एक पत्रकार पर इलाके के अंचलाधिकारी ने प्राथमिकी दर्ज करा दिया. अंचलाधिकारी ने पत्रकार के ऊपर लोगों को उकसाने का आरोप लगाया है.

जानकारी के मुताबिक घटना 12 मई की है जब जिले के रीगा प्रखंड के बुलाकीपुर उच्च विद्यालय में बने क्वॉरेंटाइन सेंटर में लोगों ने हंगामा किया था तो इस खबर को कवर करने स्थानीय पत्रकार गुलशन कुमार मिट्ठू गए थे. वहां की हकीकत से दुनिया को रूबरू कराया. यह बात रीगा के अंचलाधिकारी को नागवार गुजरी और उन्होंने पत्रकार के ऊपर रीगा थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दिया.

अंचलाधिकारी के पत्र पर रीगा थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई. आपको जानकर यह हैरानी होगी कि रीगा थाना ने पत्रकार को नोटिस भेजा थाने में हाजिर होने के लिए, उनका पक्ष जानने के लिए लेकिन नोटिस पर तारीख एक महीने पहले का चढ़ा दिया गया. बाद में गलती का एहसास होने पर पुलिसकर्मी शुद्धि पत्र लेकर घंटों घूमते रहे.

आपको बता दें कि 12 मई को संबंधित क्वॉरेंटाइन सेंटर में लोगों ने हंगामा किया था. उन्होंने खाना खाने से भी इनकार कर दिया था. इस खबर को सीतामढ़ी लाइव समेत प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिय ने चलाया था. बस यही बात अधिकारी को बुरी लग गई और उन्होंने क्वॉरेंटाइन सेंटर की व्यवस्था सुधारने के बजाय पत्रकार पर केस करना उचित समझा.

इस पूरे मामले पर सीतामढ़ी प्रेस क्लब के अध्यक्ष राकेश रंजन एवं महासचिव आदित्यनाथ आर्य ने कहा कि प्राथमिकी गलत ढंग से की गई है. उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर इस मामले पर पत्रकार के ऊपर दर्ज प्राथमिकी को रद्द कराने की मांग की है. प्रेस क्लब ने कहा है कि यदि प्राथमिकी रद्द नहीं होता है तो प्रेस क्लब आगे की कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होगा. हालांकि खबर लिखे जाने तक अंचलाधिकारी के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई है.