उर्दू निदेशालय के तत्त्वाधान में जिला प्रशासन द्वारा उर्दू भाषी छात्रों के लिए भाषण – वाद – विवाद प्रतियोगिता का डीएम ने किया उद्धघाटन

भारत की गंगा जमुनी तहज़ीब को सजाने संवारने में उर्दू ने काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई :

संददाता मेराज आलमसीतामढ़ी- मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार सरकार के निदेशाधीन जिला के उर्दू भाषी छात्र का वाद -विवाद, भाषण प्रतियोगिता का उद्धघाटन डुमरा स्थित परिचर्चा भवन में जिला पदाधिकारी मनेश कुमार मीणा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर डीएम मनेश कुमार मीणा ने संबोधित करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में प्रतियोगिता में प्रतियोगी को देख हर्ष हो रहा है। उर्दू भाषी छात्रों के प्रोत्साहन के मद्देनजर इस तरह का आयोजन काबिले तारीफ है। उर्दू राज्य की दूसरी राजभाषा है। राज्य सरकार द्वारा भाषा के विकास के लिए इस तरह का कार्यक्रम कराना सराहनीय है। उन्होंने कहा कि उर्दू एक मीठी जबान है। भारत की गंगा जमुनी तहज़ीब को सजाने संवारने में उर्दू भाषा ने काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों में भाषा एवं संस्कृति के प्रति लगाव है। हिंदी उर्दू में बहुत ज्यादा फर्क नही है। आम बोलचाल की भाषा में उर्दू शब्दों का प्रयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि हिंदी एवं उर्दू के समन्वय होने से कविता का संदेश आमजन तक पहुंच पाता है। उन्होंने छात्र से अपेक्षा की उर्दू शब्दों का प्रयोग कर बेहतर प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान उन्होंने मैट्रिक, इंटर, बीए समकक्ष वर्ग समूह के छात्रों का वाद विवाद भाषण भी सुवान

 वाद विवाद में बड़ी संख्या में जिले के हाई स्कूल, उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों, कॉलेज एवं सरकारी मदरसों में उर्दू पढ़ने वाले छात्र-छात्रा सम्मिलित हुए। वाद विवाद प्रतियोगिता के पांच सदस्यीय निर्णायक मंडल में क्रमशः गोयनका काॅलेज के प्रो डा मो सनाउल्लाह, एम आई टी टी काॅलेज पटना के प्रो डा मो सेराजुल्लाह सैफी, कमला बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, डुमरा के प्रधानाचार्य डा मो कमरूल होदा, कवि एवं लेखक जमील अख्तर शफीक, लक्ष्मी काॅलेज की प्रो डा निकहत फातिमा थी। वाद विवाद प्रतियोगिता में मैट्रिक/ समकक्ष के लिए तालीम की अहमियत, इंटर/ समकक्ष के लिए उर्दू जबान की अहमियत, बीए/ समकक्ष के लिए उर्दू गजल की लोकप्रियता विषय पर भाषण देना था। उपरोक्त निधार्रित विषयों पर प्रतिभागी छात्र छात्राओं ने अपने विचार रखे।

निर्णायक मंडल के सदस्यों द्वारा दिए गए अंकों की बुनियाद पर औसत निकालने के बाद परिणाम घोषित कर दी गई। प्रत्येक कोटि में प्रथम पुरूस्कार के लिए एक, द्वितीय पुरस्कार के लिए तीन एवं तृतीय पुरस्कार के लिए चार छात्र को चयनित किया गया। मैट्रिक/ समकक्ष में प्रथम पुरूस्कार के लिए कमला बालिका की छात्रा सालेहा बुशरा, द्वितीय कुम्मा मदरसा की छात्रा शदफ जहां, बेतहा उच्च विद्यालय की छात्रा शाफीया साईमा, कमला बालिका की छात्रा आफरीन खातुन, तृतीय एमपी उच्च विद्यालय के छात्र मो अलाउद्दीन, मदरसा जामा मस्जिद की छात्रा मोबस्सरा खातुन, बालिका उच्च विद्यालय भुतही की छात्रा साबरीन प्रवीण, मदरसा रहमानिया के छात्र माज शेख को चयनित किया गया। इंटर/ समकक्ष में प्रथम पुरूस्कार के लिए मदरसा अजीजिया पुपरी के छात्र अबरार अहमद गाजी, द्वितीय बेलहिया उच्च विद्यालय की छात्रा सतिया नाजनी, गोयनका काॅलेज की छात्रा आशिया रिजवी, मदरसा जामा मस्जिद के छात्र तौहीद अनवर, तृतीय मदरसा जामा मस्जिद की छात्रा बुशरा खातुन, कमला बालिका की छात्रा नीलोफर खातुन, उच्च विद्यालय परसौनी के छात्र मो साकिब,कमला बालिका की छात्रा शफक यास्मीन, बीए/समकक्ष गोयनका काॅलेज की छात्रा सादिया रिजवी, द्वितीय साइंस काॅलेज के छात्र नदीम रागिब, नवाही काॅलेज, सुरसंड की छात्रा शफक रहमान, साइंस काॅलेज के छात्र हबीबुल्लाह अंसारी, तृतीय गोयनका काॅलेज की छात्रा दरक्शां अंजुम, मदरसा रहमानिया के छात्र मसूद अहमद, मो तौकीर आलम, नवाही काॅलेज सुरसंड की छात्रा जिनत खातुन को चयनित किया गया। सफल छात्रों छात्राओं को मेडल, प्रशस्ति पत्र स्थापना दिवस के अवसर दिया जाएगा।

कार्यक्रम में उर्दू शाखा की प्रभारी पदाधिकारी कुमारी रंजना भारती ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। मंच का संचालन फूल हसन ने किया। कार्यक्रम में एडीएम कृष्णा प्रसाद गुप्ता, जिला आपूर्ति पदाधिकारी अजय कुमार, जिला सूचना जन सम्पर्क पदाधिकारी कमल सिंह समेत अन्य उपस्थित थे।